:
Breaking News

Bihar News: बाजार का तरबूज बना मुसीबत! सोनवर्षा गांव में एक ही परिवार के 8 लोगों की बिगड़ी तबीयत

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार के सोनवर्षा गांव में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 8 लोग बीमार पड़ गए। उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत पर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बेगूसराय/आलम की खबर:गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक और राहत देने वाला तरबूज अब लोगों के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है। बिहार के बेगूसराय जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों को सतर्क कर दिया है। यहां बाजार से खरीदा गया तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के आठ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने लगी, जिसके बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। हालत बिगड़ते देख सभी को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।यह मामला जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित सोनवर्षा गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार परिवार के सदस्य दोपहर में बाजार से तरबूज खरीदकर घर लाए थे। गर्मी अधिक होने के कारण सभी लोगों ने मिलकर तरबूज खाया। शुरुआत में सबकुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद परिवार के कई लोगों को पेट दर्द और बेचैनी महसूस होने लगी। धीरे-धीरे हालत बिगड़ती गई और एक-एक कर सभी लोग उल्टी और दस्त की शिकायत करने लगे।

परिजनों के मुताबिक सबसे पहले बच्चों की तबीयत खराब हुई। इसके बाद घर के अन्य सदस्य भी बीमार पड़ने लगे। अचानक पूरे परिवार की हालत खराब होने से आसपास के लोग भी घबरा गए। पड़ोसियों की मदद से सभी मरीजों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।

अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार मरीजों में फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण पाए गए। कुछ मरीजों की हालत ज्यादा खराब थी, इसलिए उन्हें तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मरीजों को तेज पेट दर्द, उल्टी, दस्त और कमजोरी की शिकायत थी। एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

डॉक्टरों ने बताया कि बाकी मरीजों का इलाज अस्पताल में जारी रखा गया। इनमें से पांच लोगों की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया, जबकि दो महिलाओं को अभी भी चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल उनकी स्थिति पहले से बेहतर है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने तक इलाज जारी रहेगा।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। सिविल सर्जन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और फूड इंस्पेक्टर को तरबूज के नमूनों की जांच करने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि फल में किसी प्रकार की मिलावट थी या फिर अन्य कारणों से लोगों की तबीयत खराब हुई।

चिकित्सकों का मानना है कि गर्मी के मौसम में फलों में मिलावट और रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल का खतरा बढ़ जाता है। कई बार फल को जल्दी पकाने, अधिक लाल दिखाने या लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिए खतरनाक रसायनों का उपयोग किया जाता है। ऐसे रसायन शरीर में पहुंचने के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि तरबूज में कृत्रिम रंग, नाइट्रेट या अन्य रसायनों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक खुले में रखे फल में बैक्टीरिया पनपने की संभावना भी रहती है। अगर ऐसे फल को बिना साफ किए खाया जाए तो फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में बिकने वाले कटे हुए फल सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। कई दुकानदार फल को काटकर लंबे समय तक खुले में रखते हैं, जिससे उसमें धूल, गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। गर्मी के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे संक्रमित फल खाने से पेट संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

इस घटना के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल है। गांव के लोग अब बाजार से फल खरीदने में भी सावधानी बरत रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि पहले भी मिलावटी फलों को लेकर खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन इस तरह पूरे परिवार के बीमार पड़ने की घटना ने चिंता बढ़ा दी है।

डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि फल खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। पहले से कटे हुए फल खरीदने से बचें और कोशिश करें कि केवल ताजे और साफ फल ही खरीदें। फल खाने से पहले उसे अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है। अगर फल का रंग असामान्य रूप से ज्यादा लाल या चमकीला दिखे तो उसे खाने से बचना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को फल खाने के बाद उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसी शिकायत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। लापरवाही करने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में फूड पॉइजनिंग तेजी से असर करती है, इसलिए समय पर इलाज बेहद जरूरी है।

गर्मी के मौसम में तरबूज, खरबूजा और अन्य रसदार फलों की मांग काफी बढ़ जाती है। लोग शरीर को ठंडा रखने और पानी की कमी दूर करने के लिए इन फलों का सेवन करते हैं। लेकिन मिलावट और गलत तरीके से स्टोर किए गए फल अब लोगों की सेहत के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।

सोनवर्षा गांव की यह घटना लोगों के लिए एक चेतावनी की तरह है। जिस फल को लोग सेहत के लिए फायदेमंद मानते हैं, वही लापरवाही और मिलावट के कारण गंभीर बीमारी की वजह बन सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और खाने-पीने की चीजों को लेकर सतर्कता बरतें।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *